blog

आज़ादी- एक कलाकार की आस

आज़ादी- एक कलाकार की आस

कलाकार हूँ फिर भी माथे पर शिकन लिए चलता हूँ
चुप सा रहता हूँ, रोज़ एक डर लिए चलता हूँ
आज के दौर की यही कर गुज़र है, खुद को यह भी समझा कर चलता हूँ
वक़्त है यह एक, कल दुनिया  मुझे समझेगी
इस ही सोच के साथ अपना कर्म किए चलता हूँ
कल का नया सूरज बनने की आस है
राह में तूफ़ान आएँगे, यह समझा कर खुद को चलता हूँ
मेरी कला ही मेरा कलम, मेरी कला ही मेरा आईना
बुलंद बनेगी मेरी आवाज़, यह  ठान के दिल में चलता हूँ
आज़ाद है मेरा देश, आज़ादी मिलेगी मेरे ख्वाबो को भी
इस आस को प्रण बनाए चलता हूँ

recent blogs